2026 के राज्य विधानसभा चुनावों में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की भारी जीत के बाद, कांग्रेस नेता वी.डी. सतीसन (V.D. Satheesan) ने हाल ही में केरल के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
घटना की मुख्य विशेषताएं
- निर्णायक जनादेश: UDF ने केरल विधानसभा की 140 में से 102 सीटें हासिल कीं, जिससे लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) का दशक पुराना शासन समाप्त हो गया।
- शपथ ग्रहण समारोह: तिरुवनंतपुरम में केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर द्वारा पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई गई।
- मंत्रिपरिषद: मुख्यमंत्री ने 20 सदस्यीय कैबिनेट के साथ शपथ ली।
कार्यपालिका (राज्य स्तर) से संबंधित संवैधानिक प्रावधान
- मुख्यमंत्री की नियुक्ति (अनुच्छेद 164(1)): मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। अन्य मंत्रियों की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की सलाह पर की जाती है।
- सामूहिक उत्तरदायित्व (अनुच्छेद 164(2)): मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्य की विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होगी। यह विधायिका के प्रति कार्यपालिका की जवाबदेही सुनिश्चित करता है।
- पद और गोपनीयता की शपथ (अनुच्छेद 164(3)): किसी मंत्री के पदभार ग्रहण करने से पहले, राज्यपाल उन्हें संविधान की तीसरी अनुसूची में निर्धारित प्रारूप के अनुसार पद और गोपनीयता की शपथ दिलाते हैं।
- मंत्रिपरिषद का आकार (अनुच्छेद 164(1A)): 2003 के 91वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया यह प्रावधान अनिवार्य करता है कि किसी राज्य में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या उस राज्य की विधानसभा के सदस्यों की कुल संख्या के 15% से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- केरल पर नोट: केरल विधानसभा में 140 सदस्य हैं। 140 का 15% ठीक 21 होता है। इसलिए, 21 सदस्यीय कैबिनेट (CM + 20 मंत्री) संवैधानिक सीमा का अधिकतम उपयोग करती है।
सरकार गठन में राज्यपाल की भूमिका
- आम चुनाव के बाद, राज्यपाल बहुमत वाली पार्टी के नेता या पूर्व/बाद के चुनाव गठबंधन को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं, जिसके पास विधानसभा में बहुमत होता है।
- जब किसी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत होता है, तो राज्यपाल की भूमिका औपचारिक होती है, लेकिन त्रिशंकु विधानसभा (Hung Assembly) होने पर वे अपने विवेकाधीन शक्तियों (Situational Discretion) का प्रयोग करते हैं।
अभ्यास प्रश्न
प्रारंभिक परीक्षा (PT) प्रश्न
Q1. राज्य में मंत्रिपरिषद के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- राज्य में मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित मंत्रियों की कुल संख्या उस राज्य की विधानसभा की कुल क्षमता के 15% से अधिक नहीं होगी।
- राज्य के मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ संबंधित राज्य के उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा दिलाई जाती है।
उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
A) केवल 1
B) केवल 2
C) 1 और 2 दोनों
D) न तो 1 और न ही 2
उत्तर: A (व्याख्या: 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 (अनुच्छेद 164(1A)) के अनुसार कथन 1 सही है। कथन 2 गलत है क्योंकि राज्य के मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ राज्यपाल द्वारा दिलाई जाती है, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश द्वारा नहीं।)
मुख्य परीक्षा प्रश्न
Q. 91वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 ने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर मंत्रिपरिषद के आकार के संबंध में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए। प्रशासनिक दक्षता सुनिश्चित करने और राजनीतिक दलबदल पर अंकुश लगाने में इसके महत्व पर चर्चा करें। (10 अंक, 150 शब्द)
