नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने ‘ऑपरेशन रेजपिल’ (Operation Ragepill) के तहत एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन के दौरान भारत में पहली बार ‘कैप्टागन’ (Captagon) नामक घातक ड्रग की भारी खेप पकड़ी गई है। लगभग 227.7 किलोग्राम वजन वाली इस ड्रग (टेबलेट और पाउडर) की अनुमानित अवैध बाजार कीमत करीब ₹182 करोड़ आंकी गई है।
तस्करी का तरीका (Modus Operandi)
सिंडिकेट ने वैश्विक व्यापारिक मार्गों का फायदा उठाने के लिए अत्यधिक चालाकी भरी तस्करी की तकनीक अपनाई थी:
- नई दिल्ली इंटरसेप्शन: नेब सराय इलाके में एक रिहायशी संपत्ति से 31.5 किलो कैप्टागन टेबलेट जब्त की गईं। इन्हें सऊदी अरब के जेद्दा भेजे जाने वाली एक ‘कमर्शियल चपाती-कटिंग मशीन’ के अंदर छिपाकर रखा गया था।
- मुंद्रा पोर्ट (गुजरात) इंटरसेप्शन: सीरिया से आए एक कंटेनर से 196.2 किलो कैप्टागन पाउडर बरामद किया गया, जिसे फर्जी तरीके से ‘ऊन (Wool)’ के रूप में घोषित किया गया था।
- गिरफ्तारी: इस मामले में सीरियाई नागरिक ‘अलाब्रस अहमद’ को गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि वह भारत में अपने पर्यटक वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से रह रहा था।
क्या है ‘कैप्टागन’ (Captagon)?
- रसायनिक प्रोफाइल: यह एक सिंथेटिक साइकोस्टिमुलेंट (मानसिक उत्तेजक) ड्रग है, जो रसायनिक रूप से ‘फेनेथिलिन’ (fenetylline) और ‘एम्फ़ैटेमिन’ (amphetamine) से संबंधित है।
- वैश्विक प्रसार: इसका उपयोग और तस्करी मुख्य रूप से पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व), उत्तरी अफ्रीका और यूरोप के कुछ हिस्सों में की जाती है।
- रणनीतिक खतरा: यह जब्ती इस बात को रेखांकित करती है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट अब भारत के बंदरगाह बुनियादी ढांचे का उपयोग पश्चिम एशिया के बाजारों के लिए एक ‘ट्रांजिट नोड’ के रूप में करने की कोशिश कर रहे हैं।
भारत का ड्रग नियंत्रण ढांचा (NDPS Act, 1985)
भारत में नशीली दवाओं पर लगाम कसने के लिए एक कड़ा कानूनी ढांचा मौजूद है:
- मुख्य कानून: ‘नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस’ (NDPS) एक्ट, 1985।
- नोडल एजेंसी: नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), जो सीधे गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन काम करता है।
- समन्वय: NCB राज्य पुलिस, सीमा शुल्क विभाग और अंतरराष्ट्रीय प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम करता है।
अभ्यास प्रश्न
प्रारंभिक परीक्षा (PT) प्रश्न
Q. भारत में ड्रग विनियमन और प्रवर्तन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) वित्त मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक संघीय प्रवर्तन एजेंसी के रूप में कार्य करता है।
- ‘कैप्टागन’, जिसे हाल ही में ऑपरेशन रेजपिल के तहत पकड़ा गया, एक सिंथेटिक उत्तेजक है जो रसायनिक रूप से फेनेथिलिन से जुड़ा है।
- NDPS एक्ट, 1985 नशीले पौधों और सिंथेटिक साइकोट्रोपिक पदार्थों दोनों के परिवहन और बिक्री को नियंत्रित करता है।
उपरोक्त में से कौन से कथन सही हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
उत्तर: (b) केवल 2 और 3 (व्याख्या: कथन 1 गलत है क्योंकि NCB गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है, वित्त मंत्रालय के नहीं।)
मुख्य परीक्षा (Mains) प्रश्न
Q. “पारंपरिक पौधों पर आधारित नशीले पदार्थों से सिंथेटिक उत्तेजक पदार्थों की ओर बदलाव समुद्री और सीमा सुरक्षा के लिए अनूठी परिचालन चुनौतियां पैदा करता है।” ऑपरेशन रेजपिल के लॉन्च के आलोक में, वैश्विक सिंथेटिक ड्रग सिंडिकेट के लिए एक पारगमन (ट्रांजिट) देश के रूप में भारत की भेद्यता का मूल्यांकन करें। (150 शब्द, 10 अंक)
