प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने चीनी सीजन 2026-27 (अक्टूबर-सितंबर) के लिए गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) को ₹365 प्रति क्विंटल पर मंजूरी दे दी है।
मूल्य निर्धारण निर्णय की मुख्य विशेषताएं
- मूल्य में वृद्धि: पिछले वर्ष की तुलना में ₹10 प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
- बुनियादी रिकवरी दर: ₹365/क्विंटल की यह कीमत 10.25% की बुनियादी चीनी रिकवरी दर से जुड़ी है।
- दक्षता के लिए प्रीमियम: 10.25% से ऊपर रिकवरी में प्रत्येक 0.1% की वृद्धि के लिए, किसानों को ₹3.56/क्विंटल का अतिरिक्त प्रीमियम मिलेगा।
- फ्लोर प्राइस (न्यूनतम सुरक्षा): उन किसानों के हितों की रक्षा के लिए जहाँ रिकवरी कम है, कैबिनेट ने 9.5% से नीचे रिकवरी के लिए कोई कटौती नहीं करने का निर्णय लिया है। ऐसे किसानों को ₹338.3 प्रति क्विंटल का गारंटीकृत न्यूनतम मूल्य मिलेगा।
भारत में गन्ने के मूल्य निर्धारण का तंत्र
भारत में गन्ने का मूल्य निर्धारण गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 1966 द्वारा शासित होता है।
1. उचित और लाभकारी मूल्य (FRP)
- सिफारिश: कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) द्वारा।
- मंजूरी: आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) द्वारा।
- उद्देश्य: यह चीनी मिलों द्वारा गन्ना उत्पादकों को उत्पादन लागत और उचित लाभ मार्जिन को ध्यान में रखते हुए भुगतान की जाने वाली न्यूनतम गारंटीकृत कीमत सुनिश्चित करता है।
2. राज्य परामर्शी मूल्य (SAP)
- उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा जैसे कई राज्य अपना स्वयं का SAP घोषित करते हैं, जो आमतौर पर केंद्र सरकार के FRP से अधिक होता है।
कानूनी और तकनीकी ढांचा
- कानूनी आधार: FRP को आवश्यक वस्तु अधिनियम (ECA), 1955 के तहत गन्ना (नियंत्रण) आदेश, 1966 के माध्यम से तय किया जाता है। यह मिलों के लिए एक वैधानिक दायित्व (Statutory Obligation) है; भुगतान न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- CACP द्वारा विचार किए जाने वाले कारक:
- गन्ने की उत्पादन लागत।
- वैकल्पिक फसलों से किसानों को मिलने वाला रिटर्न।
- उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर चीनी की उपलब्धता।
- चीनी उत्पादकों द्वारा चीनी की बिक्री की कीमत।
तुलनात्मक विश्लेषण: FRP बनाम MSP बनाम SAP
| विशेषता | उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) | न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) | राज्य परामर्शी मूल्य (SAP) |
| लागू फसल | केवल गन्ना | 22 अनिवार्य फसलें (जैसे गेहूँ, धान) | केवल गन्ना |
| घोषणाकर्ता | केंद्र सरकार (CCEA) | केंद्र सरकार (CCEA) | राज्य सरकारें (जैसे UP, पंजाब) |
| भुगतानकर्ता | चीनी मिलें (निजी/सहकारी) | सरकारी एजेंसियाँ (जैसे FCI) | चीनी मिलें |
| कानूनी बाध्यता | वैधानिक रूप से अनिवार्य | अनिवार्य खरीद की कानूनी गारंटी नहीं | राज्य स्तर पर अनिवार्य |
अभ्यास प्रश्न
प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न
Q. गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- FRP का निर्धारण कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर किया जाता है।
- FRP के लिए अंतिम मंजूरी उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा दी जाती है।
- FRP एक वैधानिक न्यूनतम मूल्य है जिसे चीनी मिलों द्वारा किसानों को भुगतान करना अनिवार्य है।
उपरोक्त में से कौन से कथन सही हैं?
A) केवल 1 और 2
B) केवल 2 और 3
C) केवल 1 और 3
D) 1, 2 और 3
उत्तर: C (केवल 1 और 3)
(व्याख्या: अंतिम मंजूरी प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली CCEA द्वारा दी जाती है, मंत्रालय द्वारा नहीं।)
मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न
प्रश्न: “भारत जैसी कृषि-प्रधान अर्थव्यवस्था में उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) की प्रासंगिकता की व्याख्या कीजिए। क्या राज्य परामर्शी मूल्य (SAP) और FRP के बीच का अंतर चीनी मिलों की आर्थिक व्यवहार्यता को प्रभावित करता है? चर्चा कीजिए।” (250 शब्द)
