भारत-वियतनाम संबंध: व्यापक रणनीतिक साझेदारी का सुदृढ़ीकरण

India and Vietnam relation

मई 2026 में वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम की तीन दिवसीय भारत यात्रा (5-7 मई) द्विपक्षीय संबंधों में एक नया मील का पत्थर है। यह यात्रा न केवल उनके पदभार ग्रहण करने के बाद पहली भारत यात्रा है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) के 10 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भी आयोजित की गई है।

यात्रा की मुख्य विशेषताएं

  • सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शुरुआत: राष्ट्रपति लैम ने अपनी यात्रा की शुरुआत गया (बिहार) से की, जहाँ उन्होंने महाबोधि मंदिर में प्रार्थना की। यह दोनों देशों के बीच साझा बौद्ध विरासत के “सॉफ्ट पावर” और अटूट संबंधों को दर्शाता है।
  • उच्च स्तरीय बैठकें: नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ व्यापार, समुद्री सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा।
  • आर्थिक केंद्र: मुंबई की यात्रा, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और निवेश संबंधों (जैसे विंग्रुप का निवेश) को रेखांकित करती है।

भारत-वियतनाम सहयोग के प्रमुख स्तंभ

1. रणनीतिक और रक्षा साझेदारी

  • इंडो-पैसिफिक अभिसरण: दोनों देश एक “मुक्त, खुले और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक” विजन को साझा करते हैं।
  • समुद्री सुरक्षा: दक्षिण चीन सागर में सहयोग अत्यंत मजबूत है। भारत वहाँ तेल अन्वेषण परियोजनाओं (ONGC विदेश) में शामिल है और वियतनाम को रक्षा उपकरण (जैसे ब्रह्मोस मिसाइल, गश्ती नौकाएं) प्रदान कर रहा है।

2. आर्थिक और व्यापारिक संबंध

  • व्यापार में वृद्धि: 2025 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग $15 बिलियन तक पहुँच गया, जिसे निकट भविष्य में $20 बिलियन तक ले जाने का लक्ष्य है। 2026 की पहली तिमाही में इसमें 28% की वृद्धि देखी गई है।
  • निवेश: वियतनाम के विंग्रुप (Vingroup) द्वारा तमिलनाडु में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) फैक्ट्री स्थापित करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

3. डिजिटल और महत्वपूर्ण तकनीक

  • सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और हरित ऊर्जा (Green Energy) के क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार हो रहा है।

4. सांस्कृतिक कूटनीति (बौद्ध सेतु)

  • बोधगया वियतनामी तीर्थयात्रियों के लिए एक केंद्रीय स्थल बना हुआ है। यह भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी” का एक महत्वपूर्ण घटक है।

संबंधों का विकासक्रम (Timeline)

  • 1972: औपचारिक राजनयिक संबंधों की स्थापना।
  • 2007: संबंधों को “रणनीतिक साझेदारी” के स्तर पर ले जाया गया।
  • 2016: प्रधानमंत्री मोदी की हनोई यात्रा के दौरान इसे व्यापक रणनीतिक साझेदारी” में बदला गया (जिसके अब 10 वर्ष पूरे हुए हैं)।

अभ्यास प्रश्न

प्रारंभिक परीक्षा (PT) के लिए प्रश्न

Q1. भारत-वियतनाम संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. वियतनाम आसियान (ASEAN) का सदस्य देश है।
  2. गया स्थित महाबोधि मंदिर, जहाँ वियतनामी राष्ट्रपति ने दौरा किया, एक यूनेस्को (UNESCO) विश्व धरोहर स्थल है।
  3. भारत और वियतनाम ने 2026 में अपनी “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” की 10वीं वर्षगांठ मनाई।

उपरोक्त में से कौन से कथन सही हैं? A) केवल 1 और 2 B) केवल 2 और 3 C) केवल 1 और 3 D) 1, 2 और 3 उत्तर: D

Q2. वियतनाम के भूगोल के संदर्भ में कौन सा कथन सही है? A) इसकी भूमि सीमा थाईलैंड के साथ साझा होती है। B) इसकी दक्षिण चीन सागर के साथ एक लंबी तटरेखा है। C) मेकांग नदी वियतनाम से होकर नहीं गुजरती है। D) यह दक्षिण-पूर्व एशिया का एक स्थलबाध (landlocked) देश है। उत्तर: B (व्याख्या: वियतनाम की सीमा चीन, लाओस और कंबोडिया से मिलती है, थाईलैंड से नहीं। मेकांग डेल्टा दक्षिणी वियतनाम में स्थित है।)

मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए प्रश्न

प्रश्न: “वियतनाम भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ का एक महत्वपूर्ण स्तंभ और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक प्रमुख भागीदार है।” वियतनामी राष्ट्रपति की हालिया यात्रा के आलोक में, भारत के लिए इस साझेदारी के रणनीतिक और आर्थिक महत्व की चर्चा कीजिए। (250 शब्द)

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