राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने हाल ही में अपनी दो प्रमुख रिपोर्टें जारी की हैं: “भारत में अपराध (Crime in India), 2024” और “भारत में आकस्मिक मृत्यु और आत्महत्या (ADSI), 2024”। ये रिपोर्टें देश की सुरक्षा व्यवस्था और सामाजिक स्वास्थ्य का एक व्यापक सांख्यिकीय स्नैपशॉट प्रदान करती हैं।
प्रमुख निष्कर्ष: भारत में अपराध, 2024
A. सामान्य रुझान
- कुल गिरावट: भारत में कुल संज्ञेय अपराधों (Cognisable Crimes) में 6% की गिरावट देखी गई, 2024 में कुल 58.86 लाख मामले दर्ज किए गए।
- कानूनी संक्रमण: यह भारतीय न्यायपालिका के लिए एक संक्रमणकालीन वर्ष था, जिसमें 35.44 लाख मामले भारतीय दंड संहिता (IPC) और नव लागू भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज किए गए।
B. साइबर अपराध में उछाल
जहां पारंपरिक अपराधों में कमी आई, वहीं साइबर अपराध में 17% से अधिक की उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।
- कुल मामले: 1,01,928 (2023 में 86,420 थे)।
- उद्देश्य:
- धोखाधड़ी (Fraud): 72.6% (साइबर अपराध का सबसे बड़ा कारण)।
- यौन शोषण: 3.1%।
- जबरन वसूली (Extortion): 2.5%।
C. राज्य के विरुद्ध अपराध
राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित मामलों में 6.6% की वृद्धि हुई।
- कुल मामले: 5,194।
- प्रमुख कानून: सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम (84.6% मामले) और UAPA (12.5% मामले – 649 पंजीकरण)।
D. कमजोर वर्गों (SC/ST) के खिलाफ अपराध
हाशिए पर रहने वाले समुदायों के खिलाफ अपराधों में गिरावट का रुख देखा गया:
- अनुसूचित जाति (SC): 55,698 मामले (3.6% की कमी)।
- अनुसूचित जनजाति (ST): 9,966 मामले (23.1% की भारी गिरावट)।
भारत में आकस्मिक मृत्यु और आत्महत्या (ADSI) 2024
रिपोर्ट में 2024 में 1,70,746 आत्महत्याएं दर्ज की गईं, जो विशिष्ट क्षेत्रों में गहरे सामाजिक-आर्थिक संकट को उजागर करती हैं।
| संवेदनशील श्रेणी | आत्महत्याओं की संख्या | मुख्य विशेषता |
| कृषि क्षेत्र | 10,546 | इसमें 4,633 किसान और 5,913 मजदूर शामिल हैं। |
| दिहाड़ी मजदूर | ~52,900 | भारत में कुल आत्महत्याओं का 31% हिस्सा। |
| बेरोजगार | 14,778 | आर्थिक अस्थिरता के प्रभाव को दर्शाता है। |
| गृहिणी | 22,213 | आत्महत्या के लिए सबसे उच्च जनसांख्यिकी में से एक। |
| छात्र | 14,488 | शिक्षा प्रणाली के दबाव को उजागर करता है। |
सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट: ड्रग ओवरडोज
नशीली दवाओं के ओवरडोज के कारण होने वाली मौतों में 50% की वृद्धि एक चिंताजनक रुझान है।
- कुल मौतें: 978 (2023 में 650)।
- सर्वाधिक प्रभावित राज्य: तमिलनाडु (313 मौतें), पंजाब (106), मध्य प्रदेश (90)।
NCRB क्या है?
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) एक सरकारी एजेंसी है जो अपराध डेटा एकत्र और विश्लेषण करती है।
- स्थापना: 1986 (राष्ट्रीय पुलिस आयोग और गृह मंत्रालय की टास्क फोर्स की सिफारिशों पर)।
- मंत्रालय: यह गृह मंत्रालय (MHA) के तहत कार्य करता है।
- मुख्यालय: नई दिल्ली।
साइबर अपराध: प्रकार और उभरते रुझान
साइबर अपराध उन आपराधिक गतिविधियों को संदर्भित करता है जहाँ कंप्यूटर या नेटवर्क या तो एक उपकरण, एक लक्ष्य, या आपराधिक गतिविधि का स्थान होता है।
साइबर अपराध के सामान्य प्रकार
- फ़िशिंग और विशिंग (Phishing & Vishing): संवेदनशील वित्तीय जानकारी हासिल करने के लिए व्यक्तियों को धोखा देने हेतु धोखाधड़ी वाले ईमेल या वॉयस कॉल का उपयोग करना।
- पहचान की चोरी (Identity Theft): धोखाधड़ी करने के लिए व्यक्तिगत डेटा चुराना (जैसे, किसी और के क्रेडिट कार्ड विवरण का उपयोग करना)।
- रैंसमवेयर (Ransomware): एक प्रकार का मैलवेयर जो पीड़ित की फाइलों को लॉक (एन्क्रिप्ट) कर देता है, और हमलावर एक्सेस बहाल करने के लिए फिरौती की मांग करता है।
- साइबर बुलिंग/स्टाकिंग: व्यक्तियों को परेशान करने या धमकाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करना, जो विशेष रूप से सोशल मीडिया पर आम है।
भारत में उभरते रुझान
- डीपफेक और एआई धोखाधड़ी: गलत सूचना फैलाने या उच्च-स्तरीय वित्तीय घोटाले करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके यथार्थवादी लेकिन नकली वीडियो/ऑडियो बनाना।
- क्रिप्टोकरेंसी घोटाले: पोंजी स्कीम या “रग पुल्स” (Rug Pulls) चलाने के लिए क्रिप्टो बाजारों में नियमन (regulation) की कमी का फायदा उठाना।
- सेक्सटॉर्शन (Sextortion): एक बढ़ता हुआ चलन जहाँ वीडियो कॉल के दौरान रिकॉर्ड किए जाने के बाद पीड़ितों को पैसे या अश्लील सामग्री भेजने के लिए मजबूर किया जाता है।
- डार्क वेब गतिविधियां: दवाओं, हथियारों और चोरी किए गए डेटा के अवैध बाजारों का विस्तार जो सामान्य सर्च इंजन के माध्यम से सुलभ नहीं हैं।
- राज्य-प्रायोजित साइबर युद्ध: विदेशी ताकतों द्वारा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे (जैसे बिजली ग्रिड या बैंकिंग प्रणाली) को निशाना बनाना।
साइबर अपराध को रोकने के लिए सरकारी पहल
भारत सरकार ने कानूनी, तकनीकी और प्रशासनिक उपायों को शामिल करते हुए एक बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाया है।
क. संस्थागत ढांचा (Institutional Framework)
- I4C (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र): कानून प्रवर्तन एजेंसियों (LEAs) को व्यापक और समन्वित तरीके से साइबर अपराधों से निपटने के लिए एक ढांचा प्रदान करने हेतु स्थापित।
- CERT-In (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम): कंप्यूटर सुरक्षा घटनाओं के घटित होने पर तत्काल प्रतिक्रिया देने वाली राष्ट्रीय नोडल एजेंसी।
ख. पोर्टल और तकनीकी उपकरण
- राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in): नागरिकों को ऑनलाइन साइबर अपराधों की रिपोर्ट करने की सुविधा देता है, जिसमें महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर (1930): चोरी किए गए धन को तत्काल ब्लॉक करने की सुविधा के लिए वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने हेतु एक समर्पित 24/7 हेल्पलाइन।
- साइबर स्वच्छता केंद्र: नागरिकों को उनके उपकरणों से बॉटनेट और मैलवेयर साफ करने के लिए मुफ्त उपकरण प्रदान करता है।
ग. कानूनी और जागरूकता उपाय
- सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000: साइबर अपराध और ई-कॉमर्स से निपटने वाला प्राथमिक कानून (साइबर-आतंकवाद और डेटा सुरक्षा को शामिल करने के लिए 2008 में संशोधित)।
- साइबर जागरूकता दिवस: स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने की एक पहल।
- राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति (2013): नागरिकों, व्यवसायों और सरकार के लिए एक सुरक्षित और लचीला साइबरस्पेस बनाने का लक्ष्य।
अभ्यास प्रश्न
प्रारंभिक परीक्षा (PT)
Q1. NCRB की ‘भारत में अपराध 2024′ रिपोर्ट के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारत में कुल संज्ञेय अपराध दर में गिरावट आई, लेकिन पंजीकृत साइबर अपराध के मामलों में 17% से अधिक की वृद्धि हुई।
- 2024 में दर्ज अधिकांश साइबर अपराध के मामलों का प्राथमिक उद्देश्य यौन शोषण था।
- अनुसूचित जनजातियों (ST) के खिलाफ अपराधों में पिछले वर्ष की तुलना में 20% से अधिक की महत्वपूर्ण गिरावट देखी गई।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 1 और 3
(c) केवल 3
(d) 1, 2, और 3
उत्तर: (b) केवल 1 और 3 (व्याख्या: प्राथमिक उद्देश्य ‘धोखाधड़ी’ (72.6%) था, न कि यौन शोषण)।
मुख्य परीक्षा (Mains)
प्रश्न: “नवीनतम NCRB डेटा एक विरोधाभास प्रकट करता है जहां पारंपरिक अपराध कम हो रहे हैं, लेकिन डिजिटल और राज्य-सुरक्षा से संबंधित अपराध बढ़ रहे हैं।” 2024 की रिपोर्ट के संदर्भ में भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए उभरती चुनौतियों पर चर्चा कीजिए। (10 अंक, 150 शब्द)
प्रश्न: भारत में दिहाड़ी मजदूरों और कृषि समुदाय के बीच उच्च आत्महत्या दर के लिए जिम्मेदार सामाजिक-आर्थिक कारकों का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)
