विमानन टर्बाइन ईंधन मूल्य स्थिरीकरण कोष

विमान ईंधन भरवाते हुए

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने विमानन टर्बाइन ईंधन (Aviation Turbine Fuel- ATF) के लिए ‘मूल्य स्थिरीकरण कोष’ (Price Stabilisation Fund) बनाने हेतु 10,000 करोड़ रुपए के एकमुश्त बजटीय समर्थन को मंजूरी दी है। इस पहल का उद्देश्य पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण जेट ईंधन की बढ़ती कीमतों से अनुसूचित भारतीय एयरलाइंस और यात्रियों को राहत प्रदान करना है।

स्थिरीकरण कोष की प्रमुख विशेषताएं

  • वित्तीय संरचना: यह बजटीय समर्थन सरकारी तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies – OMCs) को ब्याज मुक्त अग्रिम (interest-free advances) के रूप में प्रदान किया जाएगा। इसे एक आत्मनिर्भर परिक्रामी निधि (self-sustaining revolving fund) के रूप में कार्य करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
  • लाभार्थी: यह सहायता विशेष रूप से अनुसूचित भारतीय एयरलाइंस (विदेशी वाहकों को छोड़कर) को उनके घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों उड़ान संचालनों के लिए उपलब्ध है।
  • कार्यान्वयन तंत्र: इस कोष को OMCs और भाग लेने वाली एयरलाइंस के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इस समझौते के तहत, एयरलाइंस को तीन साल तक, या अग्रिम राशि की पूरी वसूली होने तक, विशेष रूप से OMCs से ही ATF खरीदना अनिवार्य होगा।
  • वसूली (Clawback/Recovery): जब अंतर्राष्ट्रीय ATF की कीमतें एक पूर्व-निर्धारित बेंचमार्क से अधिक हो जाती हैं, तो यह कोष OMCs को मुआवजा देता है। एक बार वैश्विक कीमतें सामान्य हो जाने पर, अंतर राशि (differential amount) OMCs से वसूल की जाएगी और भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) में वापस कर दी जाएगी।

हस्तक्षेप की आवश्यकता क्यों है?

  • भू-राजनीतिक ईंधन संकट: पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा बाजार की अत्यधिक अस्थिरता के चलते, अंतर्राष्ट्रीय ATF की कीमतें मार्च में ₹60.5 प्रति लीटर से बढ़कर मई में ₹142 प्रति लीटर हो गईं, जो लगभग 2.5 गुना की वृद्धि है।
  • उच्च परिचालन निर्भरता: जेट ईंधन एक बड़ा लागत कारक है। सामान्य परिस्थितियों में एयरलाइन की परिचालन लागत में ATF का हिस्सा लगभग 40% होता है, और अत्यधिक ईंधन अस्थिरता के दौरान यह कुल परिचालन व्यय का 60% तक बढ़ सकता है।
  • OMCs की अंडर-रिकवरी (Under-Recoveries): उपभोक्ताओं को बचाने के लिए, सरकार ने घरेलू संचालन के लिए ATF की कीमतें ₹75.6 प्रति लीटर पर सीमित कर दी थीं। इसके परिणामस्वरूप, OMCs को बेचे गए प्रत्येक लीटर ATF पर ₹30 का भारी नुकसान (under-recovery) हो रहा था।
  • परिचालन संबंधी व्यवधान को रोकना: बढ़ती लागतों ने एयर इंडिया और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइंस को जून में सामूहिक रूप से 250 दैनिक घरेलू उड़ानों में कटौती करने के लिए मजबूर किया। यह कोष क्षमता में और कटौती को रोकता है, हवाई किरायों में बेतहाशा वृद्धि पर अंकुश लगाता है, और विमानन पारिस्थितिकी तंत्र की वित्तीय व्यवहार्यता की रक्षा करता है।
  • भौगोलिक बाधाएं: पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र के लगातार बंद रहने के कारण यूरोप, उत्तरी अमेरिका और मध्य एशिया की ओर जाने वाली भारतीय उड़ानों को लंबे मार्ग अपनाने पड़े हैं, जिससे ईंधन की खपत और परिचालन लागत में और वृद्धि हुई है।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न

प्रश्न. हाल ही में स्वीकृत विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF) मूल्य स्थिरीकरण कोष के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. यह एकमुश्त बजटीय सहायता है जो अनुसूचित भारतीय एयरलाइनों को उनकी ईंधन लागत की भरपाई के लिए सीधे प्रदान की जाती है।
  2. यह कोष एक आत्मनिर्भर परिक्रामी निधि (self-sustaining revolving fund) के रूप में कार्य करता है जहाँ अंतर्राष्ट्रीय कीमतें सामान्य होने पर अग्रिम राशि वसूल की जाएगी।
  3. यह सुविधा भारतीय वाहकों के घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों संचालनों को कवर करती है।
  4. विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF) वर्तमान में अधिकतम 28% GST स्लैब के तहत कराधान के अधीन है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

(a) केवल 1 और 4

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 1, 2 और 3

(d) 2, 3 और 4

उत्तर: (b) व्याख्या:

  • कथन 1 गलत है: यह कोष सीधे एयरलाइनों को नहीं, बल्कि तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को ब्याज-मुक्त अग्रिम के रूप में प्रदान किया जाता है।
  • कथन 2 सही है: यह एक आत्मनिर्भर परिक्रामी निधि है; एक बार जब अंतर्राष्ट्रीय कीमतें कम हो जाती हैं, तो अंतर राशि वसूल की जाएगी और राजकोष (exchequer) में वापस कर दी जाएगी।
  • कथन 3 सही है: यह भारतीय वाहकों के लिए घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों उड़ानों को कवर करता है।
  • कथन 4 गलत है: विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF)—कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और प्राकृतिक गैस के साथ—वर्तमान में GST के दायरे से बाहर है।

मुख्य परीक्षा प्रश्न

प्रश्न. वैश्विक भू-राजनीतिक झटकों के प्रति भारत के विमानन क्षेत्र की भेद्यता (vulnerability) को तदर्थ (ad-hoc) राहत उपायों के बजाय संरचनात्मक नीतिगत हस्तक्षेपों की आवश्यकता है। हाल ही में ₹10,000 करोड़ के विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF) मूल्य स्थिरीकरण कोष के संदर्भ में इस कथन का समालोचनात्मक परीक्षण करें। (150 शब्द, 10 अंक)

मुख्य परीक्षा उत्तर के लिए संकेत (Hints):

  • प्रस्तावना: पश्चिम एशिया संकट के कारण ATF की कीमतों में 2.5 गुना उछाल का मुकाबला करने के लिए ₹10,000 करोड़ के मूल्य स्थिरीकरण कोष के लिए कैबिनेट की मंजूरी का संक्षेप में उल्लेख करें।
  • वर्तमान कोष के गुण:
    • ₹30/लीटर अंडर-रिकवरी से जूझ रही OMCs को तत्काल तरलता (liquidity) और राहत प्रदान करता है।
    • उपभोक्ताओं को किराए में वृद्धि से बचाता है और महत्वपूर्ण क्षेत्रीय (UDAN) और अंतर्राष्ट्रीय कनेक्टिविटी बनाए रखता है।
    • निश्चित मूल्य वाली खरीद प्रणाली (fixed-price procurement mechanism) एयरलाइंस के लिए परिचालन और वित्तीय पूर्वानुमान (predictability) प्रदान करती है।
  • सीमाएं/तदर्थ प्रकृति (Ad-hoc Nature):
    • यह एक अस्थायी “परिक्रामी निधि (revolving fund)” है जो भविष्य में अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के सामान्य होने पर निर्भर है।
    • यह केवल लक्षण (कीमतों में वृद्धि) का इलाज करता है लेकिन संरचनात्मक ईंधन कराधान के बोझ के मूल कारणों का समाधान नहीं करता है।
  • संरचनात्मक हस्तक्षेपों की आवश्यकता:
    • कर युक्तिकरण (Tax Rationalisation): ATF को GST व्यवस्था के तहत लाना ताकि एयरलाइंस इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा कर सकें (वर्तमान में यह उच्च और परिवर्तनशील राज्य वैट (VAT) के अधीन है)।
    • हेजिंग तंत्र (Hedging Mechanisms): वैश्विक कच्चे तेल की अस्थिरता के खिलाफ मजबूत वित्तीय हेजिंग रणनीतियों को अपनाने के लिए एयरलाइंस को प्रोत्साहित करना।
    • वैकल्पिक ईंधन (Alternative Fuels): दीर्घकालिक आयात निर्भरता को कम करने के लिए सतत विमानन ईंधन (Sustainable Aviation Fuel – SAF) को अपनाने और इसके मिश्रण (blending) में तेजी लाना।
  • निष्कर्ष: निष्कर्ष निकालें कि यद्यपि स्थिरीकरण कोष संकट के दौरान एक महत्वपूर्ण शॉक-एब्जॉर्बर (shock-absorber) के रूप में कार्य करता है, लेकिन भारतीय विमानन क्षेत्र के दीर्घकालिक वित्तीय लचीलेपन के लिए ATF को GST में एकीकृत करना और टिकाऊ ईंधन की ओर संक्रमण करना अनिवार्य है।

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