पहला इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) शिखर सम्मेलन 1 से 3 जून, 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है। इस सम्मेलन में ‘दिल्ली घोषणा’ को अपनाए जाने की उम्मीद है, जो दुनिया की सात प्रमुख ‘बिग कैट’ (बड़ी बिल्ली) प्रजातियों के संरक्षण के लिए समर्पित पहला वैश्विक चार्टर होगा।
इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) क्या है?
- उत्पत्ति: इसकी परिकल्पना भारत द्वारा की गई थी। प्रोजेक्ट टाइगर की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अप्रैल 2023 में इसे आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया था।
- उद्देश्य: सामूहिक कार्रवाई, अनुसंधान और वित्तीय सहयोग के माध्यम से सात बड़ी बिल्ली प्रजातियों और उनके आवासों के संरक्षण के लिए एक वैश्विक मंच बनाना।
- सदस्यता: यह 97 “रेंज” देशों (वे देश जहाँ ये प्रजातियाँ पाई जाती हैं) के साथ-साथ गैर-रेंज देशों, अंतर-सरकारी संगठनों और वैज्ञानिक निकायों के लिए खुला है।
- थीम (विषय): “बड़ी बिल्लियों को बचाएं, मानवता को बचाएं, पारिस्थितिकी तंत्र को बचाएं।” (Save big cats, save humanity, save ecosystem.)
IBCA के तहत सात ‘बिग कैट्स’
यह गठबंधन निम्नलिखित सात प्रजातियों पर ध्यान केंद्रित करता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भारत दुनिया का एकमात्र देश है जहाँ इनमें से पांच प्रजातियाँ (जगुआर और प्यूमा को छोड़कर) प्राकृतिक रूप से पाई जाती हैं।
| बिग कैट | मुख्य आवास/रेंज | IUCN स्थिति (सामान्य) |
| बाघ (Tiger) | एशिया (दुनिया की लगभग 75% आबादी भारत में है) | लुप्तप्राय (Endangered) |
| शेर (Lion) | अफ्रीका; भारत में गिर के जंगल (एशियाई शेर) | सुभेद्य (Vulnerable) |
| तेंदुआ (Leopard) | अफ्रीका और एशिया | सुभेद्य (Vulnerable) |
| हिम तेंदुआ (Snow Leopard) | मध्य और दक्षिण एशियाई पर्वत | सुभेद्य (Vulnerable) |
| चीता (Cheetah) | अफ्रीका; भारत में पुन: पेश किया गया (कुनो नेशनल पार्क) | सुभेद्य (Vulnerable) |
| जगुआर (Jaguar) | अमेरिका (उत्तर और दक्षिण) | संकट के निकट (Near Threatened) |
| प्यूमा (Puma) | अमेरिका (उत्तर और दक्षिण) | कम चिंताजनक (Least Concern) |
‘दिल्ली घोषणा’ का मुख्य फोकस
सम्मेलन का प्राथमिक परिणाम, ‘दिल्ली घोषणा’, निम्नलिखित पर जोर देगी:
- लैंडस्केप-आधारित दृष्टिकोण: अलग-थलग “संरक्षित क्षेत्रों” से हटकर बड़े, निरंतर परिदृश्य और प्रवासी गलियारों (corridors) के संरक्षण की ओर बढ़ना।
- सीमा-पारीय (Transboundary) सहयोग: उन देशों के बीच संरक्षण प्रयासों का समन्वय करना जहाँ बड़ी बिल्लियों के आवास राष्ट्रीय सीमाओं को पार करते हैं (जैसे भारत और बांग्लादेश के बीच सुंदरबन)।
- ज्ञान साझाकरण: वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी विशेषज्ञता और अवैध शिकार विरोधी रणनीतियों को साझा करना।
- वित्तीय तंत्र: सीमित बजट वाले रेंज देशों की सहायता के लिए बहुपक्षीय एजेंसियों और वित्तीय संस्थानों से संसाधन जुटाना।
भारत की संरक्षण कूटनीति के लिए महत्व
- वैश्विक नेतृत्व: IBCA का नेतृत्व करके, भारत खुद को वन्यजीव संरक्षण में एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित कर रहा है—’प्रोजेक्ट टाइगर’ की सफलता से ‘ग्लोबल बिग कैट’ के रक्षक के रूप में।
- दक्षिण-दक्षिण सहयोग: अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य विकासशील देशों के लिए भारत के समुदाय-आधारित संरक्षण मॉडल को अपनाने के लिए एक टेम्पलेट प्रदान करना।
- पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएँ: गठबंधन इस बात पर प्रकाश डालता है कि बड़ी बिल्लियाँ “अंब्रेला प्रजाति” (Umbrella Species) हैं—उन्हें बचाकर, हम उन विशाल जंगलों और जल स्रोतों की रक्षा करते हैं जो मानव अस्तित्व और जलवायु शमन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
UPSC अभ्यास प्रश्न
प्रारंभिक परीक्षा (PT)
Q1. इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- इसे भारत द्वारा ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ की स्वर्ण जयंती मनाने के लिए लॉन्च किया गया था।
- गठबंधन का उद्देश्य भारत में नहीं पाई जाने वाली प्रजातियों सहित सभी सात प्रमुख बड़ी बिल्ली प्रजातियों का संरक्षण करना है।
- IBCA सचिवालय का स्थायी मुख्यालय नैरोबी, केन्या में है।
उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1
(d) 1, 2, और 3
उत्तर: (a) केवल 1 और 2
(व्याख्या: IBCA 2023 में लॉन्च किया गया था। यह सातों बिल्लियों को कवर करता है। हालांकि, भारत ने इसका सचिवालय भारत में ही रखने का प्रस्ताव दिया है, न कि केन्या में।)
मुख्य परीक्षा (Mains)
प्रश्न: “बड़ी बिल्लियों का संरक्षण केवल जैविक आवश्यकता नहीं है, बल्कि वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बुनियादी कदम है।” संरक्षण कूटनीति को बढ़ावा देने में इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) की भूमिका पर चर्चा कीजिए। (15 अंक, 250 शब्द)
