पश्चिम बंगाल में राजनीतिक परिवर्तन

Suvendu Adhikari the CM of WB

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में निर्णायक जनादेश के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुभेंदु अधिकारी को अपने विधायक दल का नेता चुना है। 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटों के साथ भाजपा ने बहुमत का आंकड़ा (148) पार कर लिया है, जिसके बाद सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया गया है।

प्रमुख संवैधानिक और प्रक्रियात्मक पहलू

  • मुख्यमंत्री की नियुक्ति (अनुच्छेद 164): राज्यपाल (आर.एन. रवि) मुख्यमंत्री की नियुक्ति करते हैं, जो आमतौर पर विधानसभा में बहुमत रखने वाले दल या गठबंधन का नेता होता है।
  • दावा पेश करना (Staking Claim): इस प्रक्रिया में बहुमत दल का नेता निर्वाचित विधायकों के समर्थन का औपचारिक पत्र राजभवन में राज्यपाल को सौंपता है।
  • पद की शपथ: राज्यपाल द्वारा दिलाई जाती है। इसमें संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ और गोपनीयता की शपथ शामिल होती है।
  • सामूहिक उत्तरदायित्व: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्य विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।

प्रोफ़ाइल: शुभेंदु अधिकारी (नामित मुख्यमंत्री)

पहलूविवरण
राजनीतिक उत्पत्ति2007 के नंदीग्राम आंदोलन (जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ) के दौरान प्रमुखता से उभरे।
कैरियर प्रक्षेपवक्रपूर्व कैबिनेट मंत्री (2016-2020); विपक्ष के नेता (2021-2026)।
चुनावी प्रदर्शननंदीग्राम और भवानीपुर दोनों से जीत हासिल की। भवानीपुर में निवर्तमान मुख्यमंत्री को 15,115 मतों से हराया।
वैचारिक फोकससुरक्षा, राष्ट्रवाद और पश्चिम बंगाल को “सांस्कृतिक राजधानी” के रूप में पुनर्स्थापित करने पर जोर।

शासन का रोडमैप और प्रतिबद्धताएं

नवनिर्वाचित प्रशासन ने “पहले दिन” की कई प्राथमिकताओं को रेखांकित किया है:

  1. भ्रष्टाचार विरोधी अभियान: पिछली सरकार में भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक आयोग की स्थापना।
  2. सामाजिक सुरक्षा: महिलाओं की सुरक्षा पर ध्यान देना और समर्पित आयोगों के माध्यम से पिछली अत्याचार की घटनाओं की जांच करना।
  3. मोदी की गारंटी” का कार्यान्वयन: केंद्र के अनुरूप चुनावी वादों को पूरा करना।
  4. चुनावी लक्ष्य: भविष्य के राजनीतिक सुदृढ़ीकरण के लिए वोट शेयर को 46% से बढ़ाकर 60% करने का लक्ष्य।

अभ्यास प्रश्न

प्रारंभिक परीक्षा (PT) संबंधित

प्रश्न 1. भारत में मुख्यमंत्री की नियुक्ति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. संविधान के अनुसार मुख्यमंत्री नियुक्त होने से पहले किसी व्यक्ति को विधानसभा के पटल पर अपना बहुमत सिद्ध करना आवश्यक है।
  2. एक व्यक्ति जो राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं है, उसे अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए मुख्यमंत्री नियुक्त किया जा सकता है।
  3. मुख्यमंत्री नियुक्त करने में राज्यपाल का विवेक पूर्ण है और इसे किसी भी अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती।

उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?

(a) केवल 2

(b) केवल 1 और 2

(c) केवल 2 और 3

(d) 1, 2 और 3

प्रश्न 2. पश्चिम बंगाल विधानसभा के संदर्भ में निम्नलिखित पर विचार करें:

  1. विधानसभा की कुल सदस्य संख्या 294 सीटें है।
  2. विपक्ष के नेता का पद एक वैधानिक (Statutory) पद है।
  3. विपक्ष के नेता के पद का दावा करने के लिए किसी पार्टी को कुल सीटों का कम से कम 1/10 हिस्सा प्राप्त करना चाहिए।

उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं?

(a) केवल 1 और 2

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 1 और 3

(d) 1, 2 और 3

मुख्य परीक्षा (Mains) संबंधित

प्रश्न 1. “राज्य में सत्ता परिवर्तन के दौरान राज्यपाल की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।” सरकार गठन के संदर्भ में राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियों और ऐसी शक्तियों के दुरुपयोग के खिलाफ संवैधानिक सुरक्षा उपायों पर चर्चा करें। (150 शब्द)

प्रश्न 2. पश्चिम बंगाल के विशेष संदर्भ में, भारत की क्षेत्रीय राजनीति के बदलते परिदृश्य पर ‘भूमि अधिग्रहण आंदोलनों’ के प्रभाव का विश्लेषण करें। (250 शब्द)

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