भारतीय रेड सैंड बोआ

Indian Red Sand Boa

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने हाल ही में तेलंगाना में एक गुप्त ऑपरेशन के दौरान दो जीवित भारतीय रेड सैंड बोआ (Indian Red Sand Boa) बरामद किए। यह घटना भारत के ‘ग्रे मार्केट’ (अवैध बाजार) में वन्यजीवों की तस्करी की निरंतर चुनौती को उजागर करती है।

भारतीय रेड सैंड बोआ (Eryx johnii) के बारे में

  • शारीरिक विशेषताएं: यह भारतीय उपमहाद्वीप का एक दुर्लभ, गैर-विषैला (non-venomous) बोआ है। इसकी एक मोटी, कुंद (blunt) पूंछ होती है, जो इसके सिर के समान दिखती है। इसी कारण लोगों में यह गलतफहमी फैली हुई है कि यह “दो मुंह वाला” सांप है।
  • आवास और वितरण: यह मुख्य रूप से भारत, पाकिस्तान और ईरान के शुष्क, अर्ध-रेगिस्तानी झाड़ियों और शुष्क पहाड़ी जंगलों में पाया जाता है।
  • पारिस्थितिक महत्व: यह एक कुशल बिल खोदने वाला जीव है और कृंतकों (rodents) की आबादी को नियंत्रित करके पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे अप्रत्यक्ष रूप से कृषि को लाभ होता है।
  • संरक्षण स्थिति:
    • IUCN रेड लिस्ट: संकट के निकट (Near Threatened)।
    • CITES: परिशिष्ट II (इसके व्यापार को नियंत्रित किया जाना चाहिए ताकि इसके अस्तित्व पर खतरा न आए)।
    • वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची IV (शिकार और व्यापार के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करता है)।

अवैध शिकार और व्यापार के कारण

  • अंधविश्वास और काला जादू: ग्रे मार्केट में इसकी भारी मांग का मुख्य कारण अतार्किक विश्वास है। अंधविश्वास यह है कि यह सांप धन, सौभाग्य और समृद्धि लाता है।
  • औषधीय मिथक: पारंपरिक दवाओं, कामोत्तेजक (aphrodisiacs) और पुरानी बीमारियों के इलाज में इसके उपयोग के झूठे दावे।
  • उच्च बाजार मूल्य: इन मिथकों के कारण, यह सांप घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय काला बाजारी में भारी कीमत पर बिकता है, जो संगठित तस्करी नेटवर्क को प्रोत्साहित करता है।

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) के बारे में

  • नोडल एजेंसी: यह केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC), वित्त मंत्रालय के अधीन कार्यरत शीर्ष तस्करी-विरोधी खुफिया और जांच एजेंसी है।
  • अधिदेश: हालांकि इसकी प्राथमिक भूमिका वाणिज्यिक धोखाधड़ी और कर चोरी से लड़ना है, लेकिन यह नारकोटिक्स, सोना, हथियार और वन्यजीव प्रजातियों की तस्करी को रोकने के लिए सीमा शुल्क अधिनियम के प्रावधानों को सख्ती से लागू करती है।

अभ्यास प्रश्न

प्रारंभिक परीक्षा (PT) प्रश्न

Q1. भारतीय रेड सैंड बोआ के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

  1. यह एक अत्यंत विषैला सांप है जो मुख्य रूप से पश्चिमी घाट के सदाबहार वर्षावनों में पाया जाता है।
  2. यह लुप्तप्राय वन्यजीवों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन (CITES) के परिशिष्ट II के तहत सूचीबद्ध है।

उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

A) केवल 1

B) केवल 2

C) 1 और 2 दोनों

D) न तो 1 और न ही 2

उत्तर: B. (व्याख्या: कथन 1 गलत है क्योंकि यह एक गैर-विषैला सांप है जो शुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है। कथन 2 सही है।)

मुख्य परीक्षा प्रश्न

Q. कड़े कानूनी ढांचे के बावजूद, दुर्लभ और स्थानिक वन्यजीव प्रजातियों की अवैध तस्करी भारत में एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। इस अवैध व्यापार को बढ़ावा देने वाले सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक कारकों की चर्चा करें और इसे रोकने में DRI जैसी खुफिया एजेंसियों की भूमिका का मूल्यांकन करें। (15 अंक, 250 शब्द)

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