तमिलनाडु और असम में मुख्यमंत्री की नियुक्ति

मुख्य मंत्री तमिलनाडू और असम

अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय (तमिलगा वेट्रि कज़गम) ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। यह 1967 से राज्य में चले आ रहे द्विध्रुवीय राजनीतिक परिदृश्य (DMK बनाम AIADMK) में एक बड़े बदलाव का संकेत है।

प्रमुख बिंदु:

  • प्रथम अल्पसंख्यक मुख्यमंत्री: श्री विजय तमिलनाडु के शीर्ष पद पर आसीन होने वाले अल्पसंख्यक धार्मिक समुदाय (ईसाई) के पहले सदस्य बन गए हैं।
  • गठबंधन की संभावना: 13 मई को होने वाले शक्ति परीक्षण (Floor Test) के बाद इस मंत्रालय के राज्य की पहली गठबंधन सरकार के रूप में विकसित होने की संभावना है।
  • प्रारंभिक शासन संबंधी निर्णय:
    • ऊर्जा सब्सिडी: घरेलू उपभोक्ताओं (जिनकी द्विमासिक खपत $\leq$ 500 यूनिट है) के लिए 200 यूनिट मुफ्त बिजली का प्रावधान।
    • महिला सुरक्षा: 37 जिलों में ‘सिंगा पेन’ (शेरनी) विशेष बल का गठन।
    • आंतरिक सुरक्षा: नशीली दवाओं के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए एक नारकोटिक-विरोधी टास्क फोर्स की स्थापना।
  • राजकोषीय पारदर्शिता: मुख्यमंत्री ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर एक श्वेत पत्र” जारी करने की घोषणा की, जिसमें ₹10 लाख करोड़ के कर्ज का हवाला दिया गया है।

असम में निरंतरता: हिमंत बिस्वा सरमा का दूसरा कार्यकाल

हिमंत बिस्वा सरमा को एनडीए (NDA) विधायक दल के नेता के रूप में चुना गया, जिससे असम के मुख्यमंत्री के रूप में उनका लगातार दूसरा कार्यकाल सुनिश्चित हो गया है।

प्रमुख बिंदु:

  • गठबंधन की गतिशीलता: भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) जैसे क्षेत्रीय साझेदार शामिल हैं।
  • संवैधानिक प्रक्रिया: राज्यपाल (लक्ष्मण प्रसाद आचार्य) ने संविधान के अनुच्छेद 164 के तहत नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया।
  • शासन की संस्कृति: सक्रिय (Proactive), उत्तरदायी (Responsive) और जवाबदेह (Accountable) होने की “नई संस्कृति” पर जोर दिया गया है।

विश्लेषण: संवैधानिक और शासन संबंधी निहितार्थ

विशेषताविवरण
मुख्यमंत्री की नियुक्तिअनुच्छेद 164 के अनुसार, मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। अन्य मंत्रियों की नियुक्ति मुख्यमंत्री की सलाह पर राज्यपाल द्वारा की जाती है।
सामूहिक उत्तरदायित्वमंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से राज्य की विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होती है।
गठबंधन सरकारेंये अक्सर विभिन्न दलीय विचारधाराओं को संरेखित करने के लिए “न्यूनतम साझा कार्यक्रम” (CMP) की ओर ले जाती हैं। तमिलनाडु में यह एकल-दल के प्रभुत्व से विचलन का प्रतीक है।
राजकोषीय संघवाद“श्वेत पत्र” एक मानक साधन है जिसके माध्यम से नई सरकार विरासत में मिली आर्थिक स्थिति को जनता को बताती है, जिससे सार्वजनिक ऋण प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित होती है।

अभ्यास के लिए प्रश्न

प्रारंभिक परीक्षा (PT) के लिए अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1. भारत में मुख्यमंत्री की नियुक्ति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. संविधान में यह आवश्यक है कि किसी व्यक्ति को मुख्यमंत्री नियुक्त किए जाने से पहले सदन के पटल पर अपना बहुमत सिद्ध करना होगा।
  2. जो व्यक्ति राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं है, उसे अधिकतम छह महीने की अवधि के लिए मुख्यमंत्री नियुक्त किया जा सकता है।
  3. जब किसी भी दल के पास स्पष्ट बहुमत नहीं होता है, तो राज्यपाल के पास मुख्यमंत्री नियुक्त करने की विवेकाधीन शक्ति होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

(a) केवल 1 और 2

(b) केवल 2 और 3

(c) केवल 3

(d) 1, 2 और 3

प्रश्न 2. हाल ही में चर्चा में रहा “सिंगा पेन” (Singa Pen) विशेष बल, मुख्य रूप से किस उद्देश्य के लिए की गई एक पहल है?

(a) पश्चिमी घाट में वन्यजीव संरक्षण।

(b) पूर्वोत्तर भारत में उग्रवाद का मुकाबला करना।

(c) तमिलनाडु में महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षण को बढ़ावा देना।

(d) समुद्री सुरक्षा के लिए विशेष बल।

प्रारंभिक परीक्षा के उत्तर

  • Q1: (b) – कथन 1 गलत है क्योंकि राज्यपाल आमतौर पर नियुक्ति के बाद मुख्यमंत्री से बहुमत सिद्ध करने के लिए कहते हैं (चौहान बनाम भारत संघ)। कथन 2 और 3 सही हैं।
  • Q2: (c) – तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की हालिया घोषणा के अनुसार।

मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए अभ्यास प्रश्न

प्रश्न 1. “द्विध्रुवीय राजनीतिक व्यवस्था से गठबंधन आधारित सरकार की ओर संक्रमण लोकतांत्रिक बहुलवाद के गहरा होने को दर्शाता है, लेकिन यह प्रशासनिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियां भी पेश करता है।” भारतीय राज्यों के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के संदर्भ में इस कथन की चर्चा कीजिए। (150 शब्द, 10 अंक)

प्रश्न 2. राजकोषीय पारदर्शिता और जवाबदेही के एक उपकरण के रूप में राज्य वित्त पर “श्वेत पत्र” की भूमिका का मूल्यांकन कीजिए। उच्च ऋण-जीएसडीपी (debt-to-GSDP) अनुपात किसी राज्य की सामाजिक कल्याण योजनाओं को लागू करने की क्षमता को कैसे प्रभावित करता है? (250 शब्द, 15 अंक)

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